*महिला स्वयं सहायता समूहों की बहनों ने रक्षा बंधन पर राखियों की बिक्री से अर्जित किए 07 लाख 15 हजार रुपये*
*जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में “लखपति दीदी” बन रही है स्वयं सहायता समूह की महिलाए*
*मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत जनपद में 36 स्थानों पर लगाए गए राखी स्टॉल*

*हरिद्वार। जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) संजय सक्सेना ने अवगत कराया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम)/रीप के अंतर्गत मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत जनपद हरिद्वार में 36 स्थानों पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा राखी बिक्री स्टॉल लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि यह स्टॉल 21 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक संचालित किए जा रहे हैं। प्रत्येक स्टॉल पर प्रतिदिन औसतन लगभग 4,000 रुपये की बिक्री हो रही है। अब तक महिला समूहों द्वारा हस्तनिर्मित राखियों की बिक्री से कुल 07 लाख 15 हजार रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है।
यह अभियान महिला सशक्तिकरण और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है, जिससे वे “लखपति दीदी” बनने की ओर निरंतर अग्रसर हैं।

जिला एवं विकासखंड स्तर की एनआरएलएम टीम महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, विपणन और अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान कर उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।