07 जुलाई तक जमा करें गणना प्रपत्र, नहीं तो छूट सकता है मतदाता सूची में नाम,

देहरादून में 1.90 लाख मतदाताओं ने अभी तक नहीं कराया सत्यापन, डीएम ने जारी की अंतिम अपील

देहरादून।मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 07 जुलाई 2026 तक गणना प्रपत्र जमा करना अनिवार्य है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिले के ऐसे सभी पात्र नागरिकों से तत्काल अपने बीएलओ से संपर्क कर गणना प्रपत्र जमा करने की अपील की है, जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में पंजीकृत 13.76 लाख मतदाताओं में से 11.86 लाख से अधिक मतदाता अपना गणना प्रपत्र जमा कर चुके हैं और इनमें 99.98 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन भी पूरा हो चुका है। हालांकि अभी भी 1,90,588 मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर गणना प्रपत्र जमा करना प्रत्येक पात्र मतदाता के लिए आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जो नागरिक दिन के समय घर पर उपलब्ध नहीं रहते, वे ईसीआईनेट एप या ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा का उपयोग कर अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं और समय पर अपना गणना प्रपत्र जमा कर सकते हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड के मतदाता वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना अथवा अपने माता-पिता या दादा-दादी का नाम मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर खोज सकते हैं। अन्य राज्यों के मतदाता निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अंतिम एसआईआर मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। इसके अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा जारी क्यूआर कोड के माध्यम से भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

जिलाधिकारी ने पुनः अपील करते हुए कहा कि गणना प्रपत्र भरने एवं जमा करने की अंतिम तिथि 07 जुलाई है। अब मात्र तीन दिवस शेष है। उन्होंने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते अपना गणना प्रपत्र जमा कर लोकतांत्रिक अधिकार को सुरक्षित रखें।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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