सफलता की कहानी

“मंजू देवी: मशरूम उत्पादन से आत्मनिर्भरता की नई पहचान”

“अगर सीखने का जज़्बा और कुछ नया करने का साहस हो, तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते।” टिहरी गढ़वाल जनपद के विकासखंड कीर्तिनगर के ग्राम बंडाशा की रहने वाली मंजू देवी ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है।

संघर्ष से सफलता तक का सफर:- मंजू देवी एक साधारण ग्रामीण परिवार से हैं और प्रगतिशील स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य हैं। उनके गाँव में महिलाओं का व्यवसाय या उद्यमिता की ओर बढ़ना सामान्य बात नहीं थी। सामाजिक सोच, सीमित संसाधन और तकनीकी जानकारी का अभाव उनके सामने बड़ी चुनौतियाँ थीं। फिर भी उन्होंने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। मंजू देवी हमेशा ऐसा कार्य करना चाहती थीं, जिससे परिवार की आय बढ़े और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इसी दौरान उन्हें मशरूम उत्पादन के बारे में जानकारी मिली। कम लागत, कम जगह और अधिक लाभ की संभावना ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया।

प्रशिक्षण से मिली नई दिशा:- शुरुआत में उन्होंने अपने घर के एक छोटे से कमरे में मशरूम उत्पादन प्रारंभ किया, लेकिन तकनीकी जानकारी की कमी के कारण अपेक्षित सफलता नहीं मिली। इसके बाद REAP परियोजना एवं कृषि विज्ञान केंद्र, रानीचौरी (टिहरी गढ़वाल) द्वारा आयोजित मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण में भाग लेने का अवसर मिला। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण स्पॉन का चयन, सब्सट्रेट तैयार करना, तापमान एवं नमी का प्रबंधन, रोग नियंत्रण और विपणन जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों को सीखा। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने उत्पादन में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करना शुरू किया।

मेहनत का मिला शानदार परिणाम:- नई तकनीकों और निरंतर मेहनत का परिणाम जल्द ही दिखाई देने लगा। उनके फार्म में उच्च गुणवत्ता वाले मशरूम का उत्पादन होने लगा, जिसकी स्थानीय बाजारों और रेस्तरां में अच्छी मांग बनी। बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने उत्पादन क्षमता में वृद्धि की और मशरूम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन भी शुरू किया। आज मशरूम उत्पादन उनके परिवार की आय का एक मजबूत स्रोत बन चुका है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई, बल्कि परिवार का जीवन स्तर भी पहले से अधिक सुदृढ़ हुआ।

अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा:- मंजू देवी की सफलता ने पूरे क्षेत्र में नई सोच को जन्म दिया। उनकी उपलब्धि से प्रेरित होकर कई ग्रामीण महिलाएँ मशरूम उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ने लगी हैं। वे समय-समय पर अपने अनुभव साझा कर महिलाओं को प्रशिक्षण लेने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

सफलता का संदेश
मंजू देवी की कहानी बताती है कि यदि सही प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प हो, तो ग्रामीण महिलाएँ भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका का प्रेरणादायक उदाहरण है।

आज मंजू देवी की पहचान केवल एक मशरूम उत्पादक के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत और सफल उद्यमी के रूप में स्थापित हो चुकी है। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि मेहनत, सीखने की इच्छा और सही मार्गदर्शन से हर सपना साकार किया जा सकता है।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma – Senior Woman Journalist

Shashi Sharma has been active in journalism since 1985, holding the distinction of being Uttarakhand's first female journalist.

For 36 years, starting in 1989, she rendered distinguished service to India's premier news agency, PTI. During this long tenure, she demonstrated the power of her writing on numerous significant occasions; notably, she spent two months in Tehri reporting positively on the Tehri Dam—which was then mired in controversy—and used her pen to help pave the way for its construction.

Currently, Mrs. Shashi Sharma runs the news portal *Newsok24.com* and serves as the editor of the weekly newspaper *Desh Nirdesh*; she is also a registered anchor and commentator for Delhi Doordarshan.

शशि शर्मा वरिष्ठ महिला पत्रकार शशि शर्मा उत्तराखंड की पहली महिला पत्रकार के तौर पर 1985 से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। 1989 से 36 वर्षों तक उन्होंने भारत की शीर्ष समाचार एजेंसी पीटीआई के लिए अपनी सशक्त सेवाएं दीं। छत्तीस वर्षों की लंबी अवधि तक पीटीआई के लिए काम करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण मौकों पर अपनी कलम का लोहा मनवाया, जिसमें दो महीने तक टिहरी में रहकर विवादों के संकट में रहे टिहरी बांध पर सकारात्मक रिपोर्टिंग कर अपनी कलम की ताकत से निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। वर्तमान में श्रीमती शशि शर्मा Newsok24 com न्यूज पोर्टल को चला रहीं हैं और साप्ताहिक समाचार पत्र देश निर्देश की सम्पादक होने के साथ ही दिल्ली दूरदर्शन की रजिस्टर्ड एंकर और कमेंटेटर भी हैं।

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