*कुंभ मेला-2027: मंडलायुक्त ने निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया विशेष जोर*

*हरिद्वार,।कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के उद्देश्य से मेले के लिए विकसित की जा रही अवस्थापना सुविधाओं से संबंधित निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता व प्रगति की विभिन्न स्तरों से निरंतर निगरानी की जा रही है। शासन एवं मेला प्रशासन के अधिकारी समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का आकलन कर रहे हैं तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

इसी क्रम में शुक्रवार को गढ़वाल मंडल के आयुक्त श्री आनन्द स्वरूप ने हरिद्वार पहुंचकर कुंभ मेला-2027 से जुड़ी विभिन्न निर्माण परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।

मंडलायुक्त ने सबसे पहले धनौरी–सिडकुल मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर के साइफन के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। कुंभ मेला मद से निर्मित किए जा रहे दो लेन के 90 मीटर स्पान वाले इस पुल के निर्माण के लिए शासन द्वारा 16.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पुल के निर्माण हेतु कुल 36 आधार स्तंभ बनाए जाने हैं, जिनमें से 33 स्तंभों का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है तथा शेष तीन स्तंभों का निर्माण भी इसी माह पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके बाद पाइल कैप का निर्माण कर स्टील सुपर स्ट्रक्चर स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पुल के स्टील ढांचे का निर्माण कार्य समानांतर रूप से कार्यशाला में तेजी से किया जा रहा है।

मंडलायुक्त ने नदी तल में चल रहे निर्माण कार्य को और अधिक गति देने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आधार स्तंभों तथा पाइल कैप का निर्माण शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि निर्धारित समय के भीतर पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जा सके। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित परीक्षण कराए जाने के भी निर्देश दिए।

इसके उपरांत मंडलायुक्त ने धनौरी–सिडकुल मोटर मार्ग के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण एवं डामरीकरण कार्य का भी स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 8.50 किलोमीटर लंबी इस सड़क के सुधार एवं डामरीकरण के लिए कुंभ मेला मद से 6.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस सड़क के सुधार हेतु आवश्यक आधारभूत कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए तथा बारिश समाप्त होते ही डामरीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित आवागमन के लिए विकसित किए जा रहे वैकल्पिक मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मंडलायुक्त ने स्पष्ट कहा कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी निर्माण कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं और इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा प्रत्येक चरण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता श्री अनुभव नौटियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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