नशा मुक्त भारत अभियान का शुभारम्भ
💥आओ बनाएँ – व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत
🌼गुटखा, तंबाकू, पान-मसाला, सिगरेट, शराब आदि सभी नशे से दूर रहने का संदेश
💐अन्तर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर देव संस्कृति विश्व विद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम में परमार्थ पीठाधीश्वर, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेेश, पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद व उद्बोधन
🌺अखिल विश्व गायत्री परिवार, नशा मुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार और देव संस्कृति विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित
💥केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार जी, शिक्षा एवं सहकारिता विभाग, कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड़ सरकार, श्री डॉ. धन सिंह रावत जी, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा विभाग, उत्तराखंड सरकार, श्री खजान जी, समाजसेवा एवं जनसंपर्क, श्री विनय रोहेला जी, संदीप राठौर जी की गरिमामयी उपस्थिति
💥कार्यक्रम संयोजक, डा चिन्मय पण्ड्या जी ने सभी अतिथियों का किया अभिनन्दन

हरिद्वार, 26 जून। अन्तर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर देव संस्कृति विश्व विद्यालय में अखिल विश्व गायत्री परिवार, नशा मुक्त भारत अभियान, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, भारत सरकार तथा देव संस्कृति विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय जनजागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को गुटखा, तंबाकू, पान-मसाला, सिगरेट, शराब एवं अन्य सभी प्रकार के नशों से दूर रहने का संदेश देते हुए ’आओ बनाएँ, व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को जन-जन तक पहुँचाना था।

इस अवसर पर परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश के परमाध्यक्ष एवं परमार्थ पीठाधीश्वर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं प्रेरणादायी उद्बोधन कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय पंडित श्रीराम शर्मा जी, माता जी, आदरणीय डा प्रणव पण्ड्या जी, शैल जीजी, का जो योगदान है वह अद्भुत है। पूज्य स्वामी जी ने डा चिन्मय पण्ड्या जी का अभिनन्दन करते हुये कहा कि आपको एक अद्भुत विरासत मिली है। देव संस्कृति विश्व विद्यालय एक संस्कारवान व्यवस्था, जिसमें आधुनिकता और प्राचीनता का अद्भुत समन्वय है। विज्ञान और अध्यात्म को लेकर जो कार्य हो रहा है वह विलक्षण है। नशा मुक्त समाज बनाने, गंगा स्वच्छता, संस्कारों की स्थापना में शान्तिकुंज और देव संस्कृति विश्व विद्यालय की भूमिका, अद्भुत, अलौकिक और अविस्मरणीय है।
अपने संबोधन में पूज्य स्वामी जी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शरीर को ही नहीं, बल्कि उसके विवेक, संस्कार, परिवार और राष्ट्र की शक्ति को भी कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विश्वगुरु बनाना है तो उसकी युवा शक्ति को नशे के दलदल से निकालकर संस्कार, योग, अध्यात्म और सेवा के मार्ग पर अग्रसर करना होगा।
पूज्य स्वामी जी ने कहा कि आज आवश्यकता केवल नशा छोड़ने की नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक चेतना को अपनाने की है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाएँ तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी इस अभियान से जोड़ें। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक स्वयं संकल्पित होगा, तभी व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत का सपना साकार होगा।
कार्यक्रम में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से जुड़े गणमान्य प्रतिनिधियों सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार जी ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए एक गंभीर चुनौती है। नशा युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और भविष्य को कमजोर करता है, जबकि संयम, संस्कार और स्वस्थ जीवन उन्हें राष्ट्रनिर्माण का आधार बनाते हैं। आइए, हम स्वयं नशामुक्त रहने का संकल्प लें, अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करें तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। नशामुक्त युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।
उत्तराखंड सरकार के शिक्षा एवं सहकारिता विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा और राष्ट्र की प्रगति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश ही युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

उत्तराखंड सरकार के समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण एवं भाषा विभाग के कैबिनेट मंत्री श्री खजान दास जी ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और जनजागरण से संभव है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

देव संस्कृति विश्व विद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पाण्डेय जी ने सभी विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय अभिनन्दन किया। उन्होंने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि देव संस्कृति विश्व विद्यालय सदैव स्वस्थ, संस्कारित एवं जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण, व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को भी समान महत्व देता है। नशामुक्त भारत अभियान इसी व्यापक सामाजिक दृष्टि का एक महत्वपूर्ण आयाम है।
श्री विनय रोहेला जी तथा श्री संदीप राठौर जी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने नशामुक्त भारत अभियान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल बताते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग से इसमें सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने सामूहिक रूप से नशामुक्त जीवन जीने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी नशे से मुक्त बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया, शैक्षणिक संस्थानों, ग्रामों एवं नगरों में जागरूकता अभियान चलाकर इस राष्ट्रीय मिशन को जन-आंदोलन का स्वरूप दें।

कार्यक्रम में यह संदेश विशेष रूप से दिया गया कि गुटखा, तंबाकू, पान-मसाला, सिगरेट, शराब एवं अन्य सभी प्रकार के नशे न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक हैं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करते हैं। अतः प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे।

राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रम का समापन आओ बनाएँ – व्यसन मुक्त स्वर्णिम भारत के सामूहिक उद्घोष, राष्ट्र निर्माण के संकल्प तथा मानवता के कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि आध्यात्मिक प्रेरणा, सामाजिक सहयोग और जनभागीदारी के माध्यम से भारत को नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित एवं सशक्त राष्ट्र बनाने का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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