-प्रमाण पत्र के अभाव में 4 वर्षो से नहीं लगी दिव्यांग पेंशन, डीएम ने तत्काल दिलाई राहत, पेंशन स्वीकृत

-विदेश में नौकरी का झांसा देकर 15 युवाओं से लाखों की ठगी, लगेगा गैंगस्टर

-बेटी ने धोखे से हड़पी बुजुर्ग मां की जमीन, सीओ को जांच

-अतिक्रमण, अवैध निर्माण और आपदा से जुड़े मामलों पर डीएम का कड़ा रूख, अधिकारियों दिए सख्त निर्देश

देहरादून। विदेशों में सुनहरे भविष्य का सपना संजोए उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं को जालसाजों ने अपनी ठगी का शिकार बना लिया। सोमवार को जिला मुख्यालय में आयोजित ‘समाधान दिवस’ पर तब हड़कंप मच गया, जब ऋषिकेश क्षेत्र के करीब 15 पीड़ित युवा अपनी आपबीती लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे। पीड़ितों का आरोप है कि एक शातिर ठग ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये और पासपोर्ट हड़प लिए, और अब पैसे वापस मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से तत्काल वार्ता कर जालसाज के खिलाफ गैंगस्टर जैसी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सोमवार को जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान की अध्यक्षता में क्लेक्ट्रेट परिसर में समाधान दिवस आयोजित किया गया। दूर दराज क्षेत्रों से पहुंचे 171 फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिसमें से अधिकतर शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण किया और विभागों से संबंधित शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान फरियादियों ने भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, बैंक ऋण माफी, मुआवजा, विधिक एवं आर्थिक सहायता, दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुर्ननिर्माण से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से रखी।

नेहरू ग्राम की निवासी संगीता देवी ने अपनी आर्थिक बदहाली बयां करते हुए बताया कि उनके पति पिछले 4 वर्षों से दिव्यांग हैं। घर की माली हालत बेहद खराब है, लेकिन दिव्यांग प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आज ही उनके पति की मेडिकल जांच सुनिश्चित करने और जिला समाज कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर दिव्यांग पेंशन शुरू करने का सख्त अल्टीमेटम दिया।

ऋण और बैंक से जुड़ी एक अन्य समस्या में अर्चना देवी ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बैंक ऋण के पुनर्गठन की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बैंक प्रशासन द्वारा उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है और जबरन ऋण वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए लीड बैंक अधिकारी को मामले की तुरंत जांच कर न्यायोचित निस्तारण के निर्देश दिए।

समाधान दिवस में जनहित और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अन्य अहम मामले भी सामने आए, जिन पर जिलाधिकारी ने त्वरित एक्शन लिया। ग्राम पंचायत रायवाला में सार्वजनिक मार्ग पर और नया गांव (सेवालाखुर्द) में सड़क पर किए गए अवैध निर्माण व अतिक्रमण की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित एसडीएम और पुलिस को तत्काल अवैध निर्माण ध्वस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही नया गांव क्षेत्र में किरायेदारों के सत्यापन की भी बात कही।

नथुवाला में पेड़ों के बीच से गुजर रहे बिजली के तारों से बने खतरे को देखते हुए वन और विद्युत विभाग को संयुक्त रूप से तुरंत समस्या सुलझाने को कहा। चकराता के ग्राम म्यूंढा में आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई नहर व खेतों की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए लघु सिंचाई विभाग से तुरंत प्रस्ताव मांगा गया। वहीं ग्राम बनसार में भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त गूल की मरम्मत न होने से नकदी फसलों के हो रहे नुकसान पर भी शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

आईआरडीई सुंदरवाला में नालियां चोक होने से आवासीय भवनों के लिए पैदा हुए खतरे पर आपदा प्रबंधन अधिकारी को संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का बिना किसी देरी के निस्तारण करना है। विभागों से संबंधित मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेषकर युवाओं से ठगी और बुजुर्गों व महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों पर प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएगा।

जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डिायाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, तहसीलदार सुरेन्द्र देव, तहसीलदार विवेक राजौरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से एसडीएम व अन्य अधिकारी मौजूद थे।


By Shashi Sharma

Shashi Sharma Working in journalism since 1985 as the first woman journalist of Uttarakhand. From 1989 for 36 years, she provided her strong services for India's top news agency PTI. Working for a long period of thirty-six years for PTI, he got her pen ironed on many important occasions, in which, by staying in Tehri for two months, positive reporting on Tehri Dam, which was in crisis of controversies, paved the way for construction with the power of her pen. Delivered.

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