Overwhelming crowd, अधिक मास की सोमवती अमावस पर उम्मीद से दस गुना ज्यादा श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे।
Overwhelming crowd, On Somvati Amavas of Adhik month, ten times more devotees reached Haridwar than expected.
हरिद्वार का चप्पा-चप्पा भारी भीड़ का गवाह, स्थानीय लोगों को नहीं मिल पाया गंगा स्नान का अवसर, भीड के कारण घरों में कैद हुए, हरकी पैड़ी क्षेत्र में पुलिस को भीड नियंत्रण के लिए अश्व बल तैनात करना पड़ा।
Overwhelming crowd, पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या पर आज पवित्र गंगा में श्रद्धा की डुबकी लगाने वालों का सैलाब कुछ इस कदर उमड़ा कि हरिद्वार का हर चौक चौराहा गली मुहल्ला भारी भीड़ की उपस्थिति का गवाह बन गया।
आज 15 जून 2026 अधिक मास पुरुषोत्तम मास की सोमवती अमावस्या पर न केवल हरकी पैड़ी हरिद्वार के तमाम घाट बल्कि गली मुहल्ले तक भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
भारी भीड़ को हर हाल में नियंत्रित रखने के लिए हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर हरकी पैड़ी मौजूद रह कर स्थिति का जायजा लेते दिखे।

दोनों अधिकारियों ने लगातार विभिन्न घाटों एवं संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश देने के साथ ही स्वयं स्थिति का जायजा लिया।
सभी नोडल अधिकारीयों एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों को अपने अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के दिए निर्देश देर रात ही जारी कर दिए गए थे।
स्थानीय लोग हालांकि इस मौके पर अपने घरों में कैद हुए रहे भीड इतनी ज्यादा थी कि रात से ही आवागमन प्रभावित हो रहा था,स्थानीय लोगों को गंगा स्नान करने से भी वंचित रहना पडा
इस अवसर पर तैनात सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर भ्रमणशील रहकर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी स्थान पर अत्यधिक भीड़ एकत्रित न होने पाए और श्रद्धालुओं का आवागमन सुचारु रूप से चलता रहे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन एवं कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई। आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ/एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम एवं एम्बुलेंस सेवाएं अलर्ट मोड पर रहीं। घाटों पर बैरिकेडिंग, अनाउंसमेंट सिस्टम एवं दिशा-निर्देशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन दिया जाता रहा।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया, जिसके तहत विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए गए, जहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से घाटों तक पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी अधिकारी सतर्कता के साथ कार्य करें,आज 15 जून को सुबह तड़के ही हर की पैड़ी, ब्रह्मकुंड, मालवीय घाट, सुभाष घाट एवं कुशा घाट समेत सभी प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूरे शहर में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा।