Sparrow, आदर्श पति और पिता की शानदार मिसाल है गौरैया- डॉ. विनय सेठी
Sparrow, is a great example of an ideal husband and father – Dr. Vinay Sethi
Sparrow, नर गौरैया केवल एक ही मादा को जीवनसाथी के रूप में चुनता है और घोसला बनाने से लेकर बच्चों के लालन पालन में पूरी ईमानदारी और लगन से जीवन संगिनी का साथ देता है।
ये रोचक तथ्य उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के पक्षी वैज्ञानिक डॉ. विनय सेठी ने स्किल ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे युवा प्रशिक्षुओं से कहे। डॉ. सेठी पैनासोनिक कंपनी के एंकर स्किल स्कूल द्वारा गौरैया संरक्षण हेतु आयोजित जागरूकता सत्र में बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित थे।

डॉ. सेठी ने बताया कि गौरैया पक्षी एक आदर्श पति के रूप में मादा के प्रति समर्पित तथा वफादार रहते हुए सभी पारिवारिक जिम्मेदारियों में मादा का हाथ बटाता है।
उन्होंने कहा कि विगत हजारों वर्षों से इंसान के साथ दोस्ती रखने वाला गौरैया पक्षी आज अपने अस्तित्व को लेकर चिंतित है, मानवीय परिवेश के आसपास इसकी संख्या घटती जा रही है, जिसके लिए भवन संरचनाओं में हुआ परिवर्तन मुख्य रूप से जिम्मेदार है।
डॉ. सेठी ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिभागियों के साथ गौरैया पक्षी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज गौरैया को घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। लकड़ी के कृत्रिम घोसला लगाकर इस समस्या का समाधान संभव है। उन्होंने प्रतिभागियों के साथ घोंसला लगाने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देशों पर भी विस्तृत चर्चा की।
गौरैया की मार्मिक स्थिति को देखते हुए सभी प्रतिभागियों ने एकमत से गौरैया संरक्षण में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित एमटीपी चैरिटेबल सोसायटी के अध्यक्ष विनय गर्ग ने प्रतिभागियों से गौरैया संरक्षण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा की गौरैया पक्षी पर्यावरण संतुलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए हमारे घर आंगन में इसकी वापसी जरूरी हो जाती है।
एंकर स्किल स्कूल के वरिष्ठ प्रशासक राकेश अरोड़ा ने मुख्य अतिथि तथा मुख्य वक्ता सहित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्किल ट्रेनर चंदन, सचिन, राहुल, प्रवीण सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षु उपस्थित रहे।