Cultural revolution, अब समय मांग रहा है संस्कार क्रांति-कुलपति रमाकांत पांडेय
Cultural revolution, Now the time demands a cultural revolution – Vice Chancellor Ramakant Pandey
भक्ति की पराकाष्ठा और ज्ञान का अक्षुण भंडार हैं नारद।
नारद जयंती पर आयोजित हुआ कार्यक्रम
बावन ईमली में बावन लोगों को एक साथ फांसी देने का जिक्र किया मुख्य वक्ता अशोक श्रीवास्तव ने, हालांकि हरिद्वार के रुड़की में भी सुनहरा पीपल, हरिद्वार में 57 क्रांतिकारीयों को एक साथ फांसी दिए जाने का गवाह है।
Cultural revolution,अब समय मांग रहा है संस्कार क्रांति उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमाकांत पांडेय ने हरिद्वार में नारद जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा मैकाले की शिक्षा नीति ने संस्कृत और सनातन संस्कारों को पूर्व नियोजित षड्यंत्र के अंतर्गत जानबूझकर धूमिल किया, ये प्रचारित किया गया कि संस्कृत केवल पंडितों द्वारा कर्मकांड संस्कारों तक ही सीमित भाषा है उसका कोई अस्तित्व नहीं, और पंडित सहित भगवान नारद को भी केवल हास्य का पात्र बना कर प्रचारित किया गया और इस अभियान में चलचित्र जगत ने भी निंदनीय भूमिका अदा की।
नारद जयंती पर नारद नाम का वास्तविक औचित्य स्थापित करते हुए उन्होंने कहा नारद नाम है भक्ति की पराकाष्ठा और ज्ञान का अक्षुण भंडार, वो चरित्र जो भगवान से भी पहले भगवान को जानता है इतना ही नहीं नारद भगवान विष्णु के सलाहकार के रूप में भी जाने जाते हैं।
उन्होंने कहा आज की समाजिक परिस्थितियां जिस ओर जा रही है उसे देखते हुए ये परम आवश्यक हो गया है कि हम अपने बच्चों को संस्कारों से जोड़ें, संस्कारों और संस्कृति की कार्यशालाएं आयोजित हों, हमारे बच्चे अपनी संस्कृति को जाने और पथ भ्रमित होकर अपने हित अनहित को समझें उन्होंने कहा उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय शीध्र ही यह प्रयोग शुरू करने जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता दूरदर्शन दिल्ली से एंकर अशोक श्रीवास्तव ने भारतीय पुस्तकों में पढाये जाने वाले स्वतंत्रता इतिहास पर प्रश्न उठाते हुए कहा हमें भारत के वीर सपूतों के बलिदान को पढ़ाया ही नहीं गया उन्होंने शहीद भगत सिंह को तय समय से 12 घंटे पहले फांसी देने और उनके शव को हुसैनी वाला के पास टुकड़े टुकड़े करके जल्दबाजी में जलाये जाने की घटना और बावन ईमली में बावन लोगों को एक साथ फांसी देने का जिक्र किया, हालांकि हरिद्वार के रुड़की में सुनहरा पीपल हरिद्वार में 57 क्रांतिकारीयों को एक साथ फांसी दिए जाने का गवाह है।
कार्यक्रम में वयोवृद्ध कवि पंडित ज्वाला प्रसाद शांडिल्य द्वारा रचित काव्य संग्रह सत्यनारायण कथा पुस्तक और संस्कृत विश्वविद्यालय के पंचांग का विमोचन भी किया गया।
हरिद्वार के होटल मधुबन में नारद जयंती का आयोजन भारत के स्वत्व बोध में मिडिया की भूमिका विषय पर विस्तार से चर्चा की गई आयोजक मंडल सहित सभी को महामंडलेश्वर ललितानंन्द गिरी महाराज ने आशिर्वचनों से विभूषित किया।
कार्यक्रम में आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक पदम जी भी उपस्थित रहे।